भारत में क्रिकेट केवल एक खेल नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की भावना है। भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों को देश में सबसे लोकप्रिय खिलाड़ियों में गिना जाता है। जब भी कोई बड़ा टूर्नामेंट जैसे विश्व कप, आईपीएल या एशिया कप आयोजित होता है, तब लोगों के मन में एक सवाल जरूर आता है – आखिर भारतीय क्रिकेटर एक मैच खेलकर कितनी कमाई करते हैं?
कई लोगों को लगता है कि क्रिकेटरों की पूरी कमाई केवल मैच फीस से होती है, लेकिन वास्तविकता इससे काफी अलग है। भारतीय क्रिकेटरों की आय के कई स्रोत होते हैं जिनमें मैच फीस, बीसीसीआई का वार्षिक कॉन्ट्रैक्ट, आईपीएल सैलरी, विज्ञापन, ब्रांड एंडोर्समेंट और पुरस्कार राशि शामिल हैं।
इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि भारतीय क्रिकेटर एक मैच से कितनी कमाई करते हैं और उनकी कुल आय किन-किन स्रोतों से आती है।
भारतीय क्रिकेटरों को भुगतान कौन करता है?
भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों को मुख्य रूप से बीसीसीआई (Board of Control for Cricket in India) भुगतान करता है। बीसीसीआई दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड माना जाता है और खिलाड़ियों को अन्य देशों की तुलना में काफी अच्छी मैच फीस और कॉन्ट्रैक्ट राशि प्रदान करता है।
बीसीसीआई खिलाड़ियों को दो प्रकार से भुगतान करता है:
- वार्षिक कॉन्ट्रैक्ट
- प्रति मैच फीस
इसके अलावा खिलाड़ियों को प्रदर्शन के आधार पर बोनस और पुरस्कार राशि भी मिल सकती है।
भारतीय क्रिकेटरों का वार्षिक कॉन्ट्रैक्ट
बीसीसीआई हर साल खिलाड़ियों को अलग-अलग ग्रेड में बांटता है। इन ग्रेड के आधार पर खिलाड़ियों को सालाना निश्चित राशि मिलती है।
A+ ग्रेड
इस श्रेणी में देश के सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ी शामिल होते हैं।
सालाना आय: लगभग 7 करोड़ रुपये
A ग्रेड
इस ग्रेड में नियमित अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शामिल होते हैं।
सालाना आय: लगभग 5 करोड़ रुपये
B ग्रेड
इस श्रेणी के खिलाड़ियों को सालाना लगभग 3 करोड़ रुपये मिलते हैं।
C ग्रेड
इस श्रेणी में शामिल खिलाड़ियों को सालाना लगभग 1 करोड़ रुपये मिलते हैं।
यह राशि मैच फीस से अलग होती है। यानी खिलाड़ी चाहे कम मैच खेले या ज्यादा, कॉन्ट्रैक्ट राशि उन्हें अलग से मिलती है।
एक टेस्ट मैच से कितनी कमाई होती है?
टेस्ट क्रिकेट को क्रिकेट का सबसे कठिन प्रारूप माना जाता है। इसलिए इसकी मैच फीस भी सबसे अधिक होती है।
वर्तमान व्यवस्था के अनुसार भारतीय खिलाड़ी एक टेस्ट मैच खेलने के लिए लगभग 15 लाख रुपये मैच फीस प्राप्त करते हैं।
यदि कोई खिलाड़ी साल में 10 टेस्ट मैच खेलता है तो केवल टेस्ट मैच फीस से ही वह लगभग 1.5 करोड़ रुपये कमा सकता है।
इसके अलावा यदि खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन करता है तो बोनस और पुरस्कार राशि भी मिल सकती है।
एक वनडे मैच से कितनी कमाई होती है?
वनडे क्रिकेट दुनिया के सबसे लोकप्रिय प्रारूपों में से एक है। भारतीय खिलाड़ियों को एक वनडे मैच खेलने के लिए लगभग 6 लाख रुपये की मैच फीस मिलती है।
यदि कोई खिलाड़ी साल में 20 वनडे मैच खेलता है तो उसकी केवल वनडे मैच फीस लगभग 1.2 करोड़ रुपये हो सकती है।
यह राशि वार्षिक कॉन्ट्रैक्ट से अलग होती है।
एक टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच से कितनी कमाई होती है?
टी20 क्रिकेट की लोकप्रियता पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी है। हालांकि इसकी अवधि कम होती है, फिर भी खिलाड़ियों को अच्छी फीस मिलती है।
भारतीय खिलाड़ी एक टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच के लिए लगभग 3 लाख रुपये प्राप्त करते हैं।
यदि कोई खिलाड़ी साल में 30 टी20 मैच खेलता है तो केवल मैच फीस से लगभग 90 लाख रुपये तक कमा सकता है।
क्या सभी खिलाड़ियों को समान मैच फीस मिलती है?
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मैच फीस आमतौर पर सभी चयनित खिलाड़ियों के लिए समान होती है। चाहे खिलाड़ी कप्तान हो या नया खिलाड़ी, मैच फीस समान रहती है।
हालांकि कुल आय में अंतर इसलिए आता है क्योंकि:
- कुछ खिलाड़ियों के बड़े कॉन्ट्रैक्ट होते हैं।
- कुछ खिलाड़ियों के ब्रांड एंडोर्समेंट ज्यादा होते हैं।
- आईपीएल सैलरी अलग-अलग होती है।
- विज्ञापनों की संख्या अलग होती है।
आईपीएल से कितनी कमाई होती है?
आज के समय में कई क्रिकेटरों की सबसे बड़ी कमाई आईपीएल से होती है।
आईपीएल नीलामी में खिलाड़ियों को करोड़ों रुपये मिल सकते हैं।
उदाहरण के लिए:
- कुछ खिलाड़ी 20 करोड़ रुपये से अधिक में बिकते हैं।
- कई खिलाड़ी 5 से 15 करोड़ रुपये के बीच खरीदे जाते हैं।
- नए खिलाड़ियों को भी लाखों रुपये की सैलरी मिलती है।
यदि किसी खिलाड़ी की आईपीएल सैलरी 10 करोड़ रुपये है और वह पूरा सीजन खेलता है, तो उसकी प्रति मैच औसत कमाई लाखों रुपये में पहुंच सकती है।
विज्ञापनों से कितनी कमाई होती है?
भारत के स्टार क्रिकेटर विज्ञापनों से भारी कमाई करते हैं।
बड़े खिलाड़ी एक विज्ञापन के लिए लाखों से लेकर करोड़ों रुपये तक चार्ज कर सकते हैं।
लोकप्रिय खिलाड़ियों के पास अक्सर कई ब्रांड्स के साथ अनुबंध होते हैं। इनमें शामिल हो सकते हैं:
- स्पोर्ट्स ब्रांड
- मोबाइल कंपनियां
- बैंक
- बीमा कंपनियां
- ऑटोमोबाइल ब्रांड
- ई-कॉमर्स कंपनियां
कई बार किसी खिलाड़ी की विज्ञापन आय उसकी मैच फीस से कई गुना अधिक होती है।
पुरस्कार राशि से होने वाली कमाई
जब भारतीय टीम कोई बड़ा टूर्नामेंट जीतती है, तब खिलाड़ियों को अतिरिक्त पुरस्कार राशि भी मिलती है।
यह राशि कई स्रोतों से मिल सकती है:
- बीसीसीआई
- राज्य सरकारें
- निजी संस्थाएं
- स्पॉन्सर कंपनियां
बड़े टूर्नामेंट जीतने पर खिलाड़ियों को लाखों या करोड़ों रुपये तक का बोनस मिल सकता है।
घरेलू क्रिकेटरों की कमाई
हर खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर तक नहीं पहुंचता। घरेलू क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ियों को भी मैच फीस मिलती है।
रणजी ट्रॉफी, विजय हजारे ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जैसे टूर्नामेंटों में खिलाड़ियों को निर्धारित भुगतान किया जाता है।
अनुभव और मैचों की संख्या के आधार पर उनकी आय अलग-अलग हो सकती है।
क्या क्रिकेटर मैच न खेलने पर भी पैसा कमाते हैं?
यदि कोई खिलाड़ी बीसीसीआई के वार्षिक कॉन्ट्रैक्ट में शामिल है, तो उसे कॉन्ट्रैक्ट राशि मिलती रहती है।
हालांकि मैच फीस केवल मैच खेलने पर ही मिलती है।
इसलिए किसी खिलाड़ी की कुल कमाई इस बात पर निर्भर करती है कि वह:
- कितने मैच खेलता है
- कौन-से प्रारूप खेलता है
- किस ग्रेड का कॉन्ट्रैक्ट रखता है
- आईपीएल में उसकी कीमत कितनी है
- विज्ञापनों से कितनी कमाई करता है
सबसे अधिक कमाई करने वाले भारतीय क्रिकेटर
भारत में कुछ क्रिकेटर ऐसे हैं जिनकी कुल वार्षिक आय दर्जनों करोड़ रुपये तक पहुंच जाती है।
उनकी कमाई के प्रमुख स्रोत होते हैं:
- बीसीसीआई कॉन्ट्रैक्ट
- अंतरराष्ट्रीय मैच फीस
- आईपीएल सैलरी
- विज्ञापन
- सोशल मीडिया प्रमोशन
- ब्रांड एंबेसडरशिप
यही कारण है कि शीर्ष भारतीय क्रिकेटर दुनिया के सबसे अधिक कमाई करने वाले खिलाड़ियों में शामिल रहते हैं।
एक मैच से वास्तविक कमाई कैसे समझें?
यदि किसी खिलाड़ी को देखें जो A+ ग्रेड में है और नियमित रूप से सभी प्रारूप खेलता है, तो उसकी कमाई केवल मैच फीस तक सीमित नहीं होती।
उदाहरण के लिए:
- टेस्ट मैच फीस: 15 लाख रुपये
- वनडे मैच फीस: 6 लाख रुपये
- टी20 मैच फीस: 3 लाख रुपये
इसके अतिरिक्त वार्षिक कॉन्ट्रैक्ट, आईपीएल और विज्ञापन आय को जोड़ दिया जाए तो एक स्टार खिलाड़ी की औसत प्रति मैच वास्तविक कमाई कई लाख से लेकर करोड़ों रुपये तक पहुंच सकती है।
निष्कर्ष
भारतीय क्रिकेटरों की कमाई केवल मैच फीस पर निर्भर नहीं करती। उन्हें बीसीसीआई से वार्षिक कॉन्ट्रैक्ट, अंतरराष्ट्रीय मैच फीस, आईपीएल सैलरी, विज्ञापन और विभिन्न पुरस्कारों से आय प्राप्त होती है।
वर्तमान समय में एक भारतीय क्रिकेटर को लगभग 15 लाख रुपये प्रति टेस्ट मैच, 6 लाख रुपये प्रति वनडे मैच और 3 लाख रुपये प्रति टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच फीस मिलती है। वहीं स्टार खिलाड़ियों की कुल वार्षिक कमाई करोड़ों रुपये तक पहुंच जाती है।
इसी वजह से क्रिकेट आज भारत में सबसे अधिक लोकप्रिय और आकर्षक करियर विकल्पों में से एक माना जाता है।
FAQs
1. भारतीय क्रिकेटर एक टेस्ट मैच से कितनी कमाई करते हैं?
भारतीय क्रिकेटर एक टेस्ट मैच के लिए लगभग 15 लाख रुपये मैच फीस प्राप्त करते हैं।
2. एक वनडे मैच की फीस कितनी होती है?
एक वनडे अंतरराष्ट्रीय मैच के लिए लगभग 6 लाख रुपये फीस मिलती है।
3. टी20 मैच खेलने पर कितनी कमाई होती है?
एक टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच के लिए लगभग 3 लाख रुपये मैच फीस दी जाती है।
4. क्या सभी खिलाड़ियों की मैच फीस समान होती है?
हाँ, सामान्य रूप से चयनित खिलाड़ियों को समान मैच फीस मिलती है।
5. बीसीसीआई कॉन्ट्रैक्ट क्या होता है?
यह वार्षिक अनुबंध होता है जिसके तहत खिलाड़ियों को निश्चित राशि दी जाती है।
6. A+ ग्रेड खिलाड़ियों को कितनी सालाना राशि मिलती है?
A+ ग्रेड खिलाड़ियों को लगभग 7 करोड़ रुपये सालाना मिलते हैं।
7. क्या आईपीएल की कमाई मैच फीस से अलग होती है?
हाँ, आईपीएल सैलरी और अंतरराष्ट्रीय मैच फीस पूरी तरह अलग होती हैं।
8. क्रिकेटर विज्ञापनों से कितना कमाते हैं?
लोकप्रिय क्रिकेटर विज्ञापनों से लाखों से लेकर करोड़ों रुपये तक कमा सकते हैं।
9. क्या रिजर्व खिलाड़ी को भी पैसा मिलता है?
हाँ, टीम के साथ शामिल होने पर निर्धारित नियमों के अनुसार भुगतान मिल सकता है।
10. घरेलू क्रिकेटरों को कितना भुगतान मिलता है?
घरेलू क्रिकेटरों की फीस टूर्नामेंट और अनुभव के अनुसार अलग-अलग होती है।
11. क्या मैच न खेलने पर भी कॉन्ट्रैक्ट राशि मिलती है?
यदि खिलाड़ी बीसीसीआई कॉन्ट्रैक्ट में शामिल है तो उसे कॉन्ट्रैक्ट राशि मिलती रहती है।
12. भारतीय क्रिकेटरों की सबसे बड़ी कमाई का स्रोत क्या है?
कई स्टार खिलाड़ियों के लिए आईपीएल और विज्ञापन सबसे बड़े आय स्रोत होते हैं।
