पीड़ित शनि के प्रभाव और शनि को मजबूत करने के उपाय

ज्योतिष शास्त्र में शनि ग्रह का बहुत महत्व है शनि ग्रह कर्म के कारक होते है। अगर कुंडली में शनि ग्रह पीड़ित होता है तो जीवन में अनेक प्रकार की समस्याए उत्पन्न होती है। कुंडली में शनि ग्रह के पीड़ित होने के कारण जीवन में संघर्ष अधिक करना पड़ता है मेहनत के अनुसार फल की प्राप्ति नहीं होती है। पीड़ित शनि वाला व्यक्ति जितनी मेहनत करता है उसे उसकी मेहनत का पूर्ण रूप से फल प्राप्त नहीं होता है उसको जीवन में संघर्ष अधिक करना पड़ता है। ऐसे व्यक्ति का जीवन संघर्ष में ही व्यतीत होता है। इसके विपरीत अगर कुंडली में शनि ग्रह मजबूत होता है तो मेहनत के अनुसार सफलता प्राप्त होती है भाग्य का साथ प्राप्त होता है जीवन में संघर्ष नहीं होता है। ऐसा व्यक्ति जितनी मेहनत करता है उसे उसके अनुसार सफलता प्राप्त होती है। इसलिए कुंडली में शनि ग्रह का मजबूत होना आवश्यक होता है। आइये जानते है शनि ग्रह के पीड़ित होने से क्या क्या समस्याए आती है।

शनि ग्रह को मजबूत करने उपाय | shani grah ko majboot karne ke upay

  • शनि ग्रह को मजबूत करने के लिए प्रत्येक शनिवार पीपल के पेड़ के नीचे सरसो के तेल का दीपक जरूर जलाए। इससे शनि ग्रह के दुष्प्रभाव समाप्त होते है।
  • शनि ग्रह को मजबूत करने के लिए प्रत्येक शनिवार शनि देव पर सरसो का तेल चढ़ाए। इससे शनि ग्रह के दुष्प्रभाव समाप्त होते है।
  • शनि ग्रह को मजबूत करने के लिए किसी विशेषज्ञ ज्योतिषी की सलाह पर नीलम रत्न भी धारण किया जा सकता है। नीलम रत्न धारण करने से शनि ग्रह मजबूत होता है और लाइफ में तरक्की और धन प्राप्ति के अवसर प्राप्त होते है।
  • शनि ग्रह के दुष्प्रभाव से बचने के लिए काला कपड़ा भी शनि मंदिर में दान कर सकते है। इससे भी शनि ग्रह के दुष्प्रभाव समाप्त होते है।
  • कुंडली में शनि ग्रह को मजबूत करने के लिए काले देसी चने सरसो के तेल में छोंककर शनिवार की शाम को गरीबो में बांटे।
  • कुंडली में शनि ग्रह को मजबूत करने के लिए ताम्बे का छल्ला भी धारण कर सकते है इससे भी शनि ग्रह के दुष्प्रभाव से मुक्ति प्राप्त होती है।
  • शनि ग्रह के दुष्प्रभाव से बचने के लिए हनुमान जी की पूजा भी करे। हनुमान जी की पूजा करने से भी शनि ग्रह के बुरे प्रभाव समाप्त हो जाते है।
  • शनि ग्रह के दुष्प्रभाव को समाप्त करने के लिए और शनि ग्रह को मजबूत करने के लिए सात मुखी रुद्राक्ष भी धारण करे।
  • शनि ग्रह के दुष्प्रभाव से बचने के लिए काली साबुत उड़द का दान शनि मंदिर में करे। इससे शनि के नकारात्मक प्रभाव समाप्त हो जाते है।

शनि के दुष्प्रभाव | शनि दोष के लक्षण | शनि ग्रह खराब होने पर क्या होता है?

  • अगर कुंडली में शनि मंगल से पीड़ित होता है तो चोट एक्सीडेंट होने के योग बनते है।
  • अगर शनि ग्रह राहु से पीड़ित होता है तो जीवन में कोर्ट केस और कारावास की सम्भावना रहती है।
  • अगर शनि केतु से पीड़ित होता है तो जीवन में संघर्ष अधिक करना पड़ता है और मेहनत के अनुसार रिजल्ट प्राप्त नहीं होता है।
  • कुंडली में शनि राहु का योग बनने पर श्रापित दोष बनता है इस दोष में पैदा होने वाला जातक का स्वास्थ्य खराब रहता है ऐसे व्यक्ति को स्वास्थ्य सम्बंधित समस्याए लगी रहती है।
  • कुंडली में शनि राहु होने के कारण हड्डी, नसे नाड़ी, सर्वाइकल की समस्या उत्पन्न होती है। ऐसे व्यक्ति का शरीर कमजोर रहता है।
  • कुंडली में जब शनि मंगल से पीड़ित होता है तो ऐसा व्यक्ति जिद्दी और गुस्से वाले स्वभाव का होता है। ऐसा व्यक्ति फ़्रस्ट्रेटेड रहता है। ऐसे व्यक्ति का मन परेशान रहता है।
  • कुंडली में यदि नीच का शनि होता है तो ऐसे व्यक्ति को कार्य क्षेत्र में भी समस्या रहती है करियर में उन्नति प्राप्त होने में रूकावट रहती है।
  • कुंडली में शनि नीच राशि में होने पर कर्ज के योग बनते है ऐसा व्यक्ति जीवन में कर्ज का सामना करता है। ऐसा व्यक्ति कर्ज से पीड़ित रहता है।
  • कुंडली में शनि यदि वक्री होता है तो ऐसा व्यक्ति अपने करियर में भी बदलाव करता है। ऐसा व्यक्ति अचानक अपने करियर की लाइन चेंज कर देता है और उसे करियर में अस्थिरता का सामना करना पड़ता है।
  • शनि ग्रह के पीड़ित होने पर समय से पहले आँखें कमजोर हो जाती है ऐसा व्यक्ति आँखों की समस्या से परेशान रहता है।
  • शनि ग्रह के पीड़ित होने पर कम उम्र में बाल झगड़े लगते है और व्यक्ति को गंजेपन का सामना करना पड़ता है।
  • शनि ग्रह के पीड़ित होने पर सर में अधिक दर्द रहता है। माइग्रेन की समस्या होने की सम्भावना भी रहती है।
  • शनि ग्रह के पीड़ित होने पर व्यक्ति नास्तिक हो जाता है धर्म और पूजा पाठ में ऐसे व्यक्ति की आस्था कम होती है।

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